Wednesday, April 20, 2016

K-4 मिसाइल का सीक्रेट टेस्ट ऐसा करने वाला दुनिया का 5th देश बना भारत

फिर पूरी दुनिया को चौंकाया भारत ने, उठाया बेहद ताकतवर कदम, चीन, अमेरिका, यहां तक कि रूस भी सतर्क

एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए भारत ने परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम के-4 मिसाइल को अरिहंत पनडुब्बी से लांच कर सफल परीक्षण किया। सबसे खास बात यह है कि के-4 मिसाइल और अरिहंत पनडुब्बी दोनों को स्वदेश में ही विकसित किया गया है। के-4 की रेंज 3,500 किलोमीटर है, साथ ही यह दो हजार किलोग्राम गोला-बारूद अपने साथ ले जाने में सक्षम है। बंगाल की खाड़ी में अज्ञात जगह से मिसाइल को लॉन्च किया गया।
के-4 मिसाइल का नाम पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा गया है, जिसमें के-4 मिसाइल का कोड नेम है। मिसाइल की कामयाब लॉन्चिंग के साथ ही भारत पानी के भीतर मिसाइल दागने की ताकत रखने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है। इससे पहले ये तकनीक अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन के ही पास थी। मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत के परमाणु हथियार कार्यक्रम को और ज्यादा मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही भारत ने जमीन, हवा और पानी के भीतर से लंबी दूरी की न्यूक्लियर मिसाइल दागने की क्षमता विकसित कर ली है। के-4 बैलेस्टिक मिसाइल को पानी के भीतर 20 फीट नीचे से भी दागा जा सकता है।
आइएनएस अरिहंत पनडुब्बी को एक बार में चार के-4 मिसाइल से लैस किया जा सकता है।  के-4 मिसाइल को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन यानी डीआरडीओ ने विकसित किया है। अब डीआरडीओ के सीरीज की तीन और मिसाइलों को विकसित करने पर काम कर रहा है। अगले कुछ साल में सेना, एयरफोर्स और नेवी को के-4 की सेवाएं हासिल हो सकेंगी।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि के-4 मिसाइल, अग्नि-3  मिसाइल के मुकाबले कई गुना बेहतर है, क्योंकि परमाणु सक्षम मिसाइल अग्नि-3 इस पनडुब्बी के लिए मुफीद नहीं है, जबकि के-4 मिसाइल को खास तौर पर आईएनएस अरिहंत पनडुब्बी के लिए ही विकसित किया गया है। पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश (सेवानिवृत्त) ने इसे एक बड़ा कदम करार दिया है, लेकिन उनके मुताबिक जल्द ही अरिहंत को 5000 किलोमीटर से ज्यादा रेंज की अंतर प्राद्वीपीय मिसाइल (इंटर बैलेस्टिक मिसाइल) से लैस करने की जरूरत है, ताकि यह पनडुब्बी भारतीय समुद्र के किसी भी हिस्से में अपने लक्ष्य के लिए खतरा साबित हो सके।
अंतर्राष्ट्रीय दबाव की वजह से के-4 के परीक्षण को पिछले दिनों गुप्त रूप से किया गया और रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) ने आधिकारिक रूप से इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है। फिलहाल यह परीक्षण पूरी तरह कामयाब रहा। दावा किया जा रहा है कि यह मिसाइल सिस्ट‍म बेहद खतरनाक है और दुनिया में अपने किस्म का पहला है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार टेस्ट टू स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड और डीआरडीओ के अधिकारियों की देखरेख में यह परीक्षण पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी में किया गया। मिसाइल को पानी के 20 मीटर नीचे से दागा गया। लक्ष्य को भेदने से पहले मिसाइल ने 700 किमी की दूरी तय की। यह मिसाइल 3500 किमी दूरी तक के लक्ष्य को भेद सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक टेस्ट आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट से 45 नॉटिकल मील दूर समुद्र में किया गया। टेस्ट के दौरान डमी पेलोड का इस्तेमाल किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार के-4 मिसाइल को अभी दो और तीन बार और ट्रायल से गुजरकर विकसित होना है ताकि इसे सेना में शामिल किया जा सके। इससे पहले, सात मार्च को इस मिसाइल का डमी टेस्ट फायर किया गया था।
बीते साल नवंबर में अरिहंत से के-15 मिसाइल के प्रोटोटाइप का भी कामयाब टेस्ट हुआ था। के-15 , के-4 का छोटा वर्जन ही है। बाद में इसका नाम बदलकर B-05 कर दिया गया। यह अब सेना में शामिल किए जाने के लिए तैयार है। डीआरडीओ अब के-5 मिसाइल वि‍कसित कर रहा है, इसकी रेंज 5000 किमी होगी, जिसमें चीन के भीतरी हिस्सों में अपने लक्ष्य को भेदने की क्षमता होगी।
पिछले दिनों ही भारत ने किसी भी बैलेस्टिक मिसाइल हमले को बीच में ही नाकाम करने में सक्षम इंटरसेप्टर मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया था, अब सबमरीन के क्षेत्र में के-4 के सफल प्रक्षेपण से भारत की रक्षा पंक्ति मजबूत हो गई है, लेकिन अभी भी हमें इस पर बहुत सुधार करने की जरूरत है क्योंकि अमेरिका की सबसे ताजा न्यूक्लियर नोटबुक “बुलेटिन ऑफ दि एटोमिक साइंटिस्ट “की एक रिपोर्ट के अनुसार अगले एक दशक यानी 2015 तक पाकिस्तान दुनियां की पांचवी सबसे बड़ी परमाणु शक्ति होगा। 2025 तक पाकिस्तान के पास करीब 350 परमाणु हथियार हो जाएंगे, वर्तमान में पाकिस्तान के पास 120 जबकि भारत के पास भी लगभग 100 हैं। फिलहाल विश्व में सबसे ज्यादा परमाणु हथियार अमेरिका और रूस के पास है।
के-4 की ऑपरेशनल रेंज 3500 किमी, लंबाई-12 मीटर, चौड़ाई-1.3 मीटर, वजन-17 टन, ढोए जा सकने वाले आयुध का वजन 2000 किलोग्राम है।
http://www.bhaskar.com/news-ht/UT-DEL-HMU-NEW-india-successfully-tests-ballistic-nuclear-missile-k-4-with-3500-km-away-5298967-PHO.html?seq=1
http://newbuzzindia.com
Share This
Previous Post
Next Post

Pellentesque vitae lectus in mauris sollicitudin ornare sit amet eget ligula. Donec pharetra, arcu eu consectetur semper, est nulla sodales risus, vel efficitur orci justo quis tellus. Phasellus sit amet est pharetra

POPULAR POST